कोच्चि साइबर अलर्ट: फेक APK स्कैम से बचने के आसान तरीके | 2025


फेक APK स्कैम से डाटा चोरी का खतरा – मोबाइल पर नकली ऐप इंस्टॉल अलर्ट।


कोच्चि साइबर क्राइम अलर्ट: फेक APK से लोगों का डाटा चोरी 

जैसा की आप लोग जानते है कि आजकल इंटरनेट हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन जैसे-जैसे डिजिटल दुनिया आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे साइबर क्राइम भी तेज़ी से बढ़ रहा है। हाल ही में केरल के कोच्चि शहर में एक नया साइबर फ्रॉड सामने आया है, जहां फेक APK फाइल्स के जरिए लोगों का डाटा और पैसा चुराया जा रहा है और ऐसी घटनाये आज कल बहुत आम हो गयी है। ऐसी  ही एक घटना हल ही में कोच्चि में हुई है।




क्या है फेक APK स्कैम?


APK यानी Android Package Kit, जिसका इस्तेमाल एंड्रॉइड ऐप इंस्टॉल करने के लिए होता है। लेकिन साइबर अपराधी अब व्हाट्सएप और अन्य मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म के जरिए नकली APK भेज रहे हैं।

ये फेक ऐप्स दिखने में असली लगते हैं, जैसे –

* m-Parivahan (गाड़ी की जानकारी वाला ऐप)

* KYC अपडेट ऐप्स

* बैंकिंग ऐप्स

जैसे ही कोई यूज़र इन्हें इंस्टॉल करता है, स्कैमर उसका डाटा, पासवर्ड और बैंक डिटेल्स चुरा लेते हैं।




कोच्चि पुलिस की चेतावनी



कोच्चि पुलिस ने बताया है कि हाल के दिनों में ऐसे कई केस सामने आए हैं।

* अपराधी सबसे पहले यूज़र्स को व्हाट्सएप पर KYC अपडेट या सर्विस ब्लॉक होने का डर दिखाते हैं।

* फिर लिंक भेजकर उन्हें ऐप डाउनलोड करने के लिए मजबूर करते हैं।

* इंस्टॉल करते ही मोबाइल का पूरा डाटा हैक हो जाता है।



कैसे बचें ऐसे स्कैम से?



1. केवल Google Play Store या Apple App Store से ही ऐप डाउनलोड करें।

2. अनजान लिंक या मैसेज पर क्लिक न करें।

3. बैंक कभी भी व्हाट्सएप पर KYC अपडेट नहीं मांगते।

4. फ़ोन में एंटीवायरस और सिक्योरिटी ऐप रखें।

5. अगर गलती से APK इंस्टॉल कर लिया हो, तुरंत अनइंस्टॉल करके पासवर्ड बदलें।



क्यों बढ़ रहा है साइबर क्राइम?



* इंटरनेट यूज़र्स की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है।

* ऑनलाइन बैंकिंग और UPI का इस्तेमाल बढ़ गया है।

* लोग बिना सोचे-समझे किसी भी लिंक पर क्लिक कर लेते हैं।


नतीजा

कोच्चि का यह केस भारत में बढ़ते साइबर क्राइम की एक खतरनाक झलक है। इसलिए ज़रूरी है कि हम सभी सतर्क रहें और “Think Before You Click” का नियम अपनाएं।





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