कोलकाता में दुर्गा पूजा से पहले भारी बारिश ने मचाई तबाही | 2025

"कोलकाता की सड़कें भारी बारिश से जलमग्न, गाड़ियां और लोग पानी में फंसे हुए।"
पानी में डूबी सड़कें, चारों तरफ खड़ी गाड़ियां और पैदल चलते लोग।

 

कोलकाता में दुर्गा पूजा से पहले आफत बनी बारिश

कोलकाता इस समय दुर्गा पूजा की तैयारियों में डूबा होना चाहिए था, लेकिन अचानक हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर की रफ़्तार रोक दी। 22-23 सितंबर की रात आसमान से बरसी बारिश ने सड़कों को तालाब और घरों को छोटे-छोटे झीलों में बदल दिया।


बारिश और प्रभावित इलाके


IMD की रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के कई हिस्सों में 200 से 300 मिमी तक पानी गिरा। गारिया में 332 मिमी, जाधवपुर में 285 मिमी और कालिघाट में 280 मिमी बारिश दर्ज की गई। इतनी तेज़ बारिश ने कोलकाता की नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी।



"दुर्गा पूजा की जगमग रोशनी और बगल में पानी से डूबी अंधेरी सड़क का दृश्य।"
एक तरफ दुर्गा पूजा की रोशनी और दूसरी तरफ अंधेरी, पानी से भरी सड़क।



जनहानि और नुकसान


दुर्भाग्य से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से ज़्यादातर करंट लगने से मारे गए। हजारों घरों में पानी भर गया है, गाड़ियों के इंजन डूब गए हैं और कई दुकानों का सामान बर्बाद हो गया।


यातायात और पब्लिक सर्विस पर असर


* मेट्रो और ट्रेनें: पटरियों पर पानी भरने से सर्विस बाधित हुई और यात्री फंसे रहे।

हवाई सेवा: एयरलाइंस ने यात्रियों को समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचने की सलाह दी।

सड़कें: मुख्य रास्ते जाम से भर गए, जिससे ऑफिस जाने वालों को घंटों की मशक्कत करनी पड़ी।


"दुर्गा पूजा पंडाल में घुसा बारिश का पानी और मूर्ति आंशिक रूप से भीगी हुई।"
पंडाल के अंदर घुसा पानी और आंशिक रूप से भीगी मूर्ति।


दुर्गा पूजा की तैयारियों पर बड़ा असर


शहर की शान—दुर्गा पूजा पंडाल भी इस बारिश की चपेट में आ गए। कई पंडालों में पानी घुस गया, मूर्तियों को नुकसान पहुंचा और आयोजक मजबूरी में बचाव कार्य में जुट गए। लोगों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि क्या इस बार पूजा वैसी भव्यता से हो पाएगी जैसी हर साल होती है।


मौसम विभाग की चेतावनी


IMD ने 26 सितंबर तक भारी बारिश और आंधी-तूफ़ान का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन और नागरिकों से अपील की गई है कि सतर्क रहें और अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।


निष्कर्ष


कोलकाता में आई यह अप्रत्याशित बारिश न केवल दुर्गा पूजा की तैयारियों को प्रभावित कर रही है, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और सार्वजनिक सेवाओं पर भी गंभीर असर डाल रही है। प्रशासन और नागरिकों को मिलकर इस संकट का सामना करना होगा और आवश्यक कदम उठाने होंगे।




Post a Comment

0 Comments