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| भारत और रूस के बिजनेस लीडर्स हाथ मिलाते हुए, पीछे दोनों देशों के झंडे। |
UPITS 2025: ग्रेटर नोएडा में रूस-भारत बिज़नेस डायलॉग – व्यापार, निवेश और भविष्य की नई राह
भारत और रूस के रिश्ते हमेशा से मज़बूत रहे हैं। चाहे रक्षा क्षेत्र हो, ऊर्जा क्षेत्र या शिक्षा – दोनों देशों ने हर मुश्किल वक्त में एक-दूसरे का साथ दिया है। भारत और रूस का रिश्ता सिर्फ़ व्यापारिक साझेदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दोस्ती, भरोसे और सहयोग का प्रतीक है। शीत युद्ध के दौर से लेकर आज तक, रूस भारत का अहम सहयोगी रहा है। अब 2025 में, इस ऐतिहासिक रिश्ते को एक नई ऊँचाई देने के लिए UP International Trade Show (UPITS) 2025 में रूस-भारत बिज़नेस डायलॉग का आयोजन हो रहा है। यह आयोजन 26 सितंबर 2025, ग्रेटर नोएडा में होगा और इसमें ऐसे फैसले लिए जाएंगे जो दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को आने वाले दशक तक प्रभावित कर सकते हैं।
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| एक्सपो हॉल जिसमें भारत और रूस के स्टॉल। |
UPITS 2025 – सिर्फ़ ट्रेड शो नहीं, एक अवसर
UPITS यानी उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो, एक ऐसा वैश्विक मंच है जहाँ भारत और दुनिया भर के देश अपने व्यापार, तकनीक और संस्कृति को प्रदर्शित करते हैं।
UPITS को उत्तर प्रदेश सरकार ने एक वैश्विक व्यापारिक मंच के रूप में स्थापित किया है।:-
* इसमें 50+ देशों के व्यापारिक प्रतिनिधि, स्टार्टअप्स और निवेशक शामिल होंगे।
* MSMEs को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना उत्पाद और सेवा पेश करने का सुनहरा मौका मिलेगा।
* इस बार खास बात यह है कि इसमें भारत-रूस डायलॉग को मुख्य केंद्र बनाया गया है।
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| भारत और रूस के नक्शे आपस में जुड़े और ऊपर बढ़ता हुआ ग्राफ। |
रूस-भारत बिज़नेस डायलॉग क्यों है ऐतिहासिक?
1. ऊर्जा और रक्षा साझेदारी से आगे बढ़कर – पहले रूस-भारत संबंध तेल, गैस और रक्षा पर केंद्रित थे। अब इनका दायरा डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, हेल्थकेयर और एग्रीटेक तक फैलाया जा रहा है।
2. MSME और स्टार्टअप्स के लिए सुनहरा मौका – छोटे भारतीय उद्योग रूसी बाज़ार तक पहुँच सकेंगे। रूस को भारत की सस्ती और गुणवत्तापूर्ण तकनीक मिलेगी।
3. नई नौकरियों का निर्माण – अनुमान है कि इस डायलॉग से हुए निवेश से केवल उत्तर प्रदेश में ही 50,000+ नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं।
4. भविष्य की आर्थिक धुरी – यह डायलॉग भारत को यूरोप और रूस को एशिया के बाज़ारों तक पहुँचाने का रास्ता खोलेगा।
इस डायलॉग की मुख्य गतिविधियाँ
* भारत और रूस के व्यापार प्रतिनिधियों के बीच हाई-लेवल चर्चा।
* अरबों रुपये के निवेश समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर।
* भारतीय स्टार्टअप्स की इनोवेशन प्रदर्शनी।
* भारतीय हस्तशिल्प, वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण और फ़ार्मा क्षेत्रों पर विशेष जोर।
* रूस-भारत के बीच नई ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी की घोषणा।
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ग्रेटर नोएडा को क्यों चुना गया?
1- ग्रेटर नोएडा अब उत्तर भारत का इंटरनेशनल ट्रेड और इंडस्ट्रियल सेंटर बन चुका है।
2 - यहाँ का वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी इसे विदेशी निवेशकों के लिए पहली पसंद बनाता है।
3 - नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर इसे और आकर्षक बनाते हैं।
4 - यूपी सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक राज्य को भारत का मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस बनाया जाए।
भारत के वैश्विक व्यापार पर असर
* रूस से सीधे व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे।
* "मेक इन इंडिया" और "वोकल फॉर लोकल" को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।
* भारत का एक्सपोर्ट 2026 तक 15% तक बढ़ सकता है।
* रूस को एशियाई देशों तक भारत के माध्यम से आसान पहुँच मिलेगी।
निष्कर्ष
UPITS 2025 में होने वाला रूस-भारत बिज़नेस डायलॉग सिर्फ़ एक आयोजन नहीं बल्कि दोनों देशों के रिश्तों का नया अध्याय है। इससे बड़े उद्योगपतियों के साथ-साथ छोटे व्यवसायियों और स्टार्टअप्स को भी वैश्विक बाज़ार में प्रवेश का मौका मिलेगा। ग्रेटर नोएडा इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनेगा और आने वाले समय में इसके सकारात्मक असर भारत की अर्थव्यवस्था पर साफ़ दिखाई देंगे।




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