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| नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां चार्जिंग पर लगी हुईं। |
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का उछाल: 2025 में बदलता हुआ ट्रांसपोर्टेशन का चेहरा
2025 में भारत का EV सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। सिर्फ अप्रैल–सितंबर तक H1 FY26 में बिक्री में 108% की वृद्धि दर्ज हुई है — 91,076 इकाइयाँ बिकीं, जो पिछले साल की 43,847 इकाइयों से दोगुनी से अधिक हैं।
इसके अलावा, FY2025 में पूरे वर्ष की बिक्री 20 लाख से भी अधिक हो गई थी। ये आंकड़े दिखाते हैं कि भारत अब तेजी से “ग्रीन मोबिलिटी” की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
क्या कारण हैं इस उछाल के?
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भारत का EV रोडमैप दिखाता एक ग्राफ। |
* सर्कुलर नीतियाँ: सरकार ने सब्सिडी, टैक्स छूट और “PM E-DRIVE” जैसी योजनाएँ लागू की हैं जो EV खरीद को आसान बना रही हैं।
* उपलब्ध मॉडल्स की संख्या बढ़ी: दोपहिया से ले कर चारपहिया तक – कंपनियाँ जैसे टाटा, एमजी, महिंद्रा नए EV उतार रही हैं।
* बुनियादी ढाँचा में सुधार: चार्जिंग स्टेशन की संख्या बढ़ रही है, उदाहरण के लिए महाराष्ट्र में केवल नवंबर तक 3,079 नए स्टेशन लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
* शहरी संक्रमण व जागरूकता: शहर-क्षेत्र में लोग पेट्रोल-डीजल की लागत, पर्यावरणीय प्रभाव से परेशान हैं और EV विकल्प चुनने लगे हैं।
कहाँ और कैसे बदल रहा है परिदृश्य?
* FY 2025 में दोपहिया EV सेगमेंट ने 50% से अधिक हिस्सेदारी ली है।
* चारपहिया EV सेगमेंट में भी अनुक्रम वृद्धि हो रही है, जैसे जुलाई 2025 में सिर्फ 15,295 नई EV इकाइयाँ बिकीं, जो सालाना तुलना में 91% वृद्धि है।
* चुनौतियाँ: अभी तक चार्जिंग स्टेशन पर्याप्त नहीं हैं, कई ग्रामीण क्षेत्रों में सर्विस व स्पेयर पार्ट्स धीमे मिलते हैं।
सरकार की नीतियां और निवेश
भारत सरकार ने EV सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं —
* FAME-II स्कीम (Faster Adoption and Manufacturing of Electric Vehicles) के तहत सब्सिडी दी जा रही है।
* चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए देशभर में 15,000 से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं।
* दिल्ली, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्य EV फ्रेंडली पॉलिसीज़ लागू कर रहे हैं।
इंडियन कंपनियों का EV मिशन
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| दिल्ली या मुंबई में चलती EV कारों की झलक। |
भारतीय कंपनियां भी इस रेस में पीछे नहीं हैं —
* टाटा मोटर्स ने Nexon EV और Punch EV जैसे मॉडल्स से मार्केट पर कब्जा जमा लिया है।
* ओला इलेक्ट्रिक अब अपनी इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करने की तैयारी में है।
* महिंद्रा और हीरो मोटोकॉर्प भी EV स्कूटर और कार सेगमेंट में निवेश बढ़ा रहे हैं।
पर्यावरण और भविष्य
इलेक्ट्रिक वाहनों से कार्बन उत्सर्जन में 40% तक की कमी आने की उम्मीद है। ये न सिर्फ हवा को साफ रखेंगे बल्कि पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता भी घटाएंगे।
कंपनियों के लिए चुनौतियां
हालांकि, EV सेक्टर के सामने कुछ चुनौतियां अभी भी हैं —
* चार्जिंग स्टेशन की कमी
* बैटरी की लागत
* ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी
लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 5 सालों में भारत एशिया का सबसे बड़ा EV मार्केट बन सकता है।
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| “ग्रीन एनर्जी” संदेश देता हुआ पोस्टर। |
FAQs
Q1: भारत में EV का भविष्य कैसा है?
➡ बहुत उज्जवल! अगले 5 साल में हर तीसरी कार इलेक्ट्रिक हो सकती है।
Q2: भारत में EV चार्जिंग स्टेशन कितने हैं?
➡ अभी तक करीब 15,000+ चार्जिंग स्टेशन बन चुके हैं और 2030 तक ये संख्या 1 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है।
Q3: कौन-कौन सी कंपनियां EV बना रही हैं?
➡ टाटा, ओला, महिंद्रा, हीरो और BYD जैसी कंपनियां EV मार्केट में तेजी से बढ़ रही हैं।
Q4 : भारत में EV बिक्री कैसे बढ़ी है?
➡ भारत ने H1 FY26 में 91,076 EV बेचकर 108% वृद्धि दर्ज की है और FY2025 में 20 लाख से अधिक इकाइयाँ।
Q5 : EV में अब भी क्या चुनौतियाँ हैं?
➡ चार्जिंग नेटवर्क की कमी, बैटरी लागत, ग्रामीण इलाकों में सर्विस क्रियाएँ धीमी।
Q6 : कौन-से सेगमेंट तेजी से बढ़ रहे हैं?
➡ दोपहिया EV (E2W) सबसे आगे हैं — FY2025 में ई2W की बिक्री 1.14 मिलियन तक पहुंची।




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