TCS में 12,000 कर्मचारियों की छंटनी – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बना वजह
भारत की सबसे बड़ी IT कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) ने एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी अपने करीब 12,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने वाली है। यानी कुल वर्कफोर्स का लगभग 2% हिस्सा कट किया जा रहा है।
ये छंटनी क्यों हो रही है?
AI (Artificial Intelligence) का दौर शुरू हो चुका है और TCS भी अब अपने बिजनेस को और ज्यादा डिजिटल और ऑटोमेटेड बना रही है।
> कंपनी का कहना है कि वो "Future Ready Organisation" बनना चाहती है, जिसके लिए कुछ पुरानी जॉब प्रोफाइल अब ज़रूरी नहीं रही।
> इसके अलावा, बेंच पॉलिसी में भी बदलाव हुआ है – अब जो एम्प्लॉयी 35 दिन से ज्यादा बिना प्रोजेक्ट पर रहेंगे, उन्हें बाहर निकाला जा सकता है।
> क्लाइंट्स से प्रोजेक्ट्स में देरी और ग्लोबल मंदी भी एक कारण है।
किन लोगों पर पड़ेगा असर?
> ज्यादातर छंटनी मिड लेवल और सीनियर लेवल कर्मचारियों की होगी।
> TCS का फोकस अब कम अनुभव वाले, फ्रेशर और डिजिटल स्किल वाले एम्प्लॉयी पर रहेगा।
> जून 2025 तक यह पूरी प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।
क्या कंपनी कोई सहायता देगी?
हाँ, TCS कह रही है कि जिनको बाहर किया जाएगा उन्हें:
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नोटिस पीरियड के पैसे
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कुछ महीनों की सैलरी
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हेल्थ इंश्योरेंस
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काउंसलिंग और नई नौकरी में मदद
जैसे सपोर्ट दिए जाएंगे।
इंडस्ट्री के लिए क्या मतलब है?
TCS का यह कदम बताता है कि अब IT इंडस्ट्री में पुरानी स्किल्स से कुछ नहीं होगा। अगर आपको AI, Cloud, Automation जैसे नए टूल नहीं आते, तो नौकरी बचाना मुश्किल हो सकता है।
इसलिए अगर आप IT सेक्टर में हैं तो अपना स्किल अपडेट करना बहुत ज़रूरी हो गया है।

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