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| दिल्ली में फॉगिंग करती MCD की टीम |
दिल्ली में मलेरिया और चिकनगुनिया का कहर 2025: रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे मरीज, जानिए कारण, असर और बचाव
2025 में दिल्ली एक बार फिर से मलेरिया और चिकनगुनिया की चपेट में है। सितंबर से अक्टूबर के बीच राजधानी में इन बीमारियों के मामले पिछले पांच सालों के सभी रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं।
दिल्ली नगर निगम (MCD) की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अब तक 15,000 से अधिक मलेरिया और लगभग 7,000 चिकनगुनिया के केस दर्ज हो चुके हैं, जबकि 2024 में यह संख्या सिर्फ 8,500 और 3,200 थी।
क्यों बढ़ा संक्रमण? मौसम बना बड़ी वजह

पानी भरे कूलर और टायर का क्लोज-अप
मौसम वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल की असामान्य बारिश, बढ़ी नमी और देर तक टिका हुआ तापमान मच्छरों के प्रजनन के लिए एक आदर्श स्थिति बन गया।
दिल्ली में इस बार सितंबर तक औसतन 27% अधिक वर्षा हुई, जिससे नालियों, पुराने टायरों, कूलरों और गमलों में पानी जमा रहा — यही Anopheles और Aedes aegypti मच्छरों के पनपने का कारण बना।
अस्पतालों में बढ़ती भीड़ और बढ़ता दबाव
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| अस्पताल में मरीजों की जांच का दृश्य |
दिल्ली के प्रमुख अस्पताल जैसे — AIIMS, Safdarjung, LNJP, और GTB Hospital — में मलेरिया और चिकनगुनिया से ग्रसित मरीजों की भीड़ दिन-ब-दिन बढ़ रही है।
डॉक्टरों के अनुसार, कई मरीजों में दोनों संक्रमण एक साथ पाए जा रहे हैं, जिससे ब्लड प्लेटलेट्स तेजी से गिर रही हैं और रिकवरी में ज्यादा समय लग रहा है।
अस्पतालों ने इन बीमारियों के लिए स्पेशल आइसोलेशन वार्ड्स और 24x7 हेल्थ मॉनिटरिंग टीम तैनात की हैं।
दिल्ली के सबसे प्रभावित इलाके
दिल्ली के कुछ इलाके जहां सबसे ज्यादा केस दर्ज हुए हैं —
* नरेला
* बवाना
* करोल बाग
* लक्ष्मी नगर
* तिलक नगर
* संगम विहार
* जहांगीरपुरी
इन इलाकों में पानी निकासी की खराब व्यवस्था और घनी आबादी के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
MCD और NDMC की सख्त कार्रवाई
MCD की टीमों ने अब तक 60,000 से अधिक घरों में लार्वा जांच की है और 15,000 से ज्यादा नोटिस जारी किए हैं। NDMC की ओर से रोज़ाना सुबह और शाम को फॉगिंग अभियान चलाया जा रहा है।
इसके अलावा स्कूलों और सरकारी दफ्तरों में भी जागरूकता अभियान शुरू किए गए हैं, जहां बच्चों और कर्मचारियों को मलेरिया व चिकनगुनिया से बचाव की जानकारी दी जा रही है।
क्या करें बचाव? विशेषज्ञों की सलाह

डॉक्टर द्वारा मलेरिया टेस्ट रिपोर्ट दिखाते हुए
1- घर के आस-पास पानी जमा न होने दें।
2- कूलर का पानी हर दो दिन में बदलें।
3- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
4- फुल-स्लीव कपड़े पहनें ताकि शरीर ढका रहे।
5- मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का प्रयोग करें।
6- तेज बुखार, सिरदर्द या जोड़ों के दर्द को नजरअंदाज न करें, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
सरकार की पहल और हेल्पलाइन
दिल्ली सरकार ने नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर 104 जारी किया है, जिस पर लोग किसी भी समय स्वास्थ्य सलाह ले सकते हैं। साथ ही, “स्वस्थ दिल्ली” मोबाइल ऐप के ज़रिए लोग अपने इलाके में फॉगिंग शेड्यूल, हेल्थ कैंप और रिपोर्टेड केस की जानकारी भी पा सकते हैं।
भविष्य में क्या खतरा है?
AIIMS के विशेषज्ञों के अनुसार, अगर अगले कुछ हफ्तों तक नमी और तापमान इसी स्तर पर रहे, तो अक्टूबर के अंत तक मरीजों की संख्या 25,000 पार कर सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर लोगों ने घरों में जमा पानी और कचरा साफ नहीं किया, तो संक्रमण की तीसरी लहर जैसी स्थिति बन सकती है।
FAQs
1. मलेरिया और चिकनगुनिया में क्या फर्क है?
➡️ मलेरिया Anopheles मच्छर के काटने से होता है, जबकि चिकनगुनिया Aedes aegypti मच्छर से फैलता है।
2. क्या दोनों बीमारियों का एक साथ संक्रमण हो सकता है?
➡️ हाँ, कई मामलों में दोनों संक्रमण एक साथ पाए जा रहे हैं, जिससे रिकवरी में ज्यादा समय लगता है।
3. क्या इसका कोई वैक्सीन उपलब्ध है?
➡️ मलेरिया के लिए अब भारत में एक वैक्सीन ट्रायल स्टेज में है, लेकिन चिकनगुनिया के लिए अभी कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
4. क्या सरकार मुफ्त इलाज दे रही है?
➡️ हाँ, सभी सरकारी अस्पतालों में मलेरिया और चिकनगुनिया का इलाज और जांच मुफ्त है।
5. क्या मलेरिया से मौत भी हो सकती है?
➡️ अगर समय पर इलाज न हो और प्लेटलेट्स बहुत नीचे चले जाएं, तो गंभीर स्थिति बन सकती है।


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